Saturday, February 11, 2017

अब जो जाएगे फिर लौट के कभी ना आएगे



कुछ पल अब सिर्फ तेरे लिए जीना चाहता हु
जहां सिर्फ तुम हो सिर्फ तुम
अभी तो कुछ दिनों पहले
बहुत पास से तुमको देखा था
बस एक पल में बहुत दूर हो गई तुम
अब जो जाएगे फिर लौट के कभी ना आएगे
पर अब तक नहीं समझ सके तुम.....


Thursday, June 18, 2015

एक आखरी ख़त तेरे नाम


एक आखरी ख़त तेरे नाम 
जिसमें मुहब्बत तो होगी 
पर जज्बातों नहीं 
जिसमे चाहत तो होगी
पर अफसाने नहीं 
जिसमें प्यार भरी मोती तो होगी 
लेकीन कोई कशिस नहीं....
हां आज एक आखरी ख़त लिखने जा रहा हु...
जिसमे मिलन की कोई बात नहीं 
जिसमे देखने की कोई चाहत नहीं..
तुम तक जाने का हर वह रास्ता बंद कर 
मै भी इस आखरी ख़त को अब बंद कर भेज दूंगा तुम्हारे पास
तुम रोना नहीं क्यों की वह आंसू अब मुझे दिखेगी नहीं...

Monday, October 27, 2014

काश कुछ दिनों के लिए

काश कुछ दिनों के लिए, दुनियाँ को छोड़ जाना मुमकिन होता,
सुना है लोग बहुत याद करते हैं, दुनियाँ से चले जाने के बाद..........

Thursday, August 7, 2014

हर लम्हा तेरे लिए जिए


हर लम्हा तेरे लिए जिए
पर तेरा दीदार होता नहीं
दिन तो ये भी गुज़र जाएगा पर ये लम्हा गुज़रता नहीं
आग ही आग है फिर क्यूँ सूरज पिघलता नहीं
दाग धोने से जाते नहीं दर्द रोने से घटता नहीं
की जी लु कुछ लम्हा तेरे साथ 
क्यों वह वक्त आता नहीं...

Monday, June 16, 2014

मेरी साँसों को जो महका रही हैं


मेरी साँसों को जो महका रही हैं
ये पहले प्यार की खुशबू
तेरी सासों से शायद आ रही हैं
शुरू ये सिलसिला तो उसी दिन से हुआ था
अचानक तूने जिस दिन मुझे यूँ ही छुआ था
लहर जागी जो उस पल तनबदन में
वो मन को आज भी बहका रही हैं
बहोत तरसा हैं ये दिल तेरे सपने सज़ा के
ये दिल की बात सुन ले, मेरी बाहों में आके
जगाकर अनोखी प्यास मन में
ये मीठी आग जो दहका रही हैं
ये आँखे बोलती हैं, जो हम ना बोल पाये
दबी वो प्यास मन की, नज़र में झिलमिलाये
होठों पे तेरे हल्की सी हसी हैं

मेरी धड़कन बहकती जा रही हैं

 

क्या तुझे पता है
ये मेंहदी लगाना
ये घुमना ये फिरना
ये सजना सबरना
ये खुशिया मानना
ये यू मुस्कुराना
ये इठलाना और झुमना
सब बेकार है जब मै ना देखू
तुझे देख तेरा तारीफ़ ना करू सब बेकार है.....
हा सब बेकार है
इसे मेरी मुहब्बत समझो या मेरी दिवानगी

हा सच सब बेकार है......

बेताब तमन्नाओ की कसक
तुमसे मिलने की कसक
अभी सब रहने दो
आप चाहे रहो नजरो से दुर मगर एक झलक आँखो मे रहने दो

सादर नमन....